मैं अभी भी वहीं हूँ - उसी मोड़ पर जहां से हवाएं तुम्हें अपने गोद में उठाए भाग चली थी। ये हवा भी तो तुम्हे कितना प्यार करती है और तुम उसके साथ तितलियों की भांति नीले आसमान, रंगबिरंगे फूलों में खो जाते हो। भूल जाते हो कि कोई पीछे छूटा जा रहा। मै पिछे-पिछे दौड़ता तो हूं मगर हवाओं का मुकाबला कर नहीं पाता। फिर थक कर ठहर जाता हूं। समय से अपनी कभी जमी नही। हमेशा यह मुझे पीछे छोड़ देता है ताकि अपनी अवास्तविकता को साफ कर आगे बढू। यह समय भी तुम्हे काफी प्यार करता है, कभी अकेला नहीं छोड़ता तुम्हें, हमेशा अपनी कंधो पर बिठाए रखता हैं। शुरू में कभी जब तुम मुझे अकेला छोड़ आगे बढ़ जाते थे तब रास्तों की सूनापन डराते थे। रास्ता सूझता नहीं था। मगर एक जगह है जो बहुत खूबसूरत है। गिरते पड़ते मै यहां तक पहुंच चुका हूं। मालूम नहीं तुम कितनी दूर जा चुके हो! मेरी याद आती हैं ये भी मालूम नहीं! कभी रुकोगी मेरे इंतज़ार में? मालूम नहीं। लेकिन अब मैं उदास नहीं हूं। यह स्थान मेरा सपोर्ट है - जैसे स्टॉक मार्केट का कोई शेयर लाख बाहरी दबाव के बावजूद भी उस स्थान पर डटे रहता हैं और वही ...
हम आंखे खोलते हैं, आंखो को कुछ भा जाती है। मन सोचता है कि काश यह मेरा होता। विचारो द्वारा इच्छाओं का जन्म होता है और घनीभूत होते विचार हमे चाहते ना चाहते उस ओर धकेल देते है। इच्छाओं का जन्म हुआ है तो मृत्यु आवश्य होगा लेकिन इच्छाओं की मृत्यु सहज नहीं होती। इसका पूरा होना ही मृत्यु है चाहे वास्तविकता में पूरा हो चाहे कल्पना में।