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चीजों को टालना या इग्नोर करना

कई बार चीजों को टालना या #इग्नोर करना बहुत महंगा पड़ता हैं।
कई बार हम सोचते हैं — अभी नहीं, बाद में देखेंगे।
लेकिन यही "बाद में" धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी का बोझ बन जाता है।
हर दिन की ओवरथिंकिंग, जो हम हल्के में लेते हैं,
धीरे-धीरे अंदर ही अंदर डिप्रेशन की शक्ल ले लेती है।
जो बात आज सुलझाई जा सकती थी,
वो अनकहेपन में उलझकर कल एक दूराव बन जाती है।
छोटा-सा उधार, जो "अभी नहीं, बाद में" टाल दिया,
वो कब बड़ा कर्ज बन गया, पता ही नहीं चला।
बदन का एक मामूली दर्द,
जिसे इग्नोर किया,
वो कब बीमारी में बदल गया,
वो रिपोर्ट ही बता पाई।

हम सोचते हैं — वक्त है, संभाल लेंगे।
पर वक्त कभी थमता नहीं,
और जिन चीजों को हम टालते हैं,
वो अक्सर हमें नहीं टालतीं।

इसलिए जब अगली बार मन करे कुछ "कल पे टालने" का,
तो बस इतना याद कर लेना —
कहीं वो कल, आज से ज़्यादा भारी न हो जाए।
कहीं जो हल्का लगा था,
वही सबसे बड़ा बोझ न बन जाए।
Avinash Pandey 

#ऑथर #मोटिवेशन #जीवन #आर्टोफ्लाइफ #माइंड #साइकोलॉजी

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