┌───────────────────────────── Untitled - Notepad ───────────────────────────┐ │ 24 जनवरी 2016 │ │ अविनाश पाण्डेय │ │ │ │ आज मैंने एक बात बड़े जोर से महसूस की — │ │ ज़िंदगी में स्पष्ट होना कितना जरूरी है। │ │ │ │ निर्णय लेना आसान नहीं होता हैं। │ │ कई बार उसकी कीमत चुकानी पड़ती है — │ │ रिश्ते टूट जाते हैं, मौके निकल जाते हैं, लोग आपको गलत समझते हैं। │ लेकिन जब भीतर का शोर थमता है, │ │ तब महसूस होता है — यही सही था। ...
हम आंखे खोलते हैं, आंखो को कुछ भा जाती है। मन सोचता है कि काश यह मेरा होता। विचारो द्वारा इच्छाओं का जन्म होता है और घनीभूत होते विचार हमे चाहते ना चाहते उस ओर धकेल देते है। इच्छाओं का जन्म हुआ है तो मृत्यु आवश्य होगा लेकिन इच्छाओं की मृत्यु सहज नहीं होती। इसका पूरा होना ही मृत्यु है चाहे वास्तविकता में पूरा हो चाहे कल्पना में।